एमपी कैबिनेट अपडेट: विस्थापित आदिवासियों की रजिस्ट्री अब मुफ्त, सिंचाई और संबल योजना पर सरकार का बड़ा निवेश

मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी ताज़ा कैबिनेट बैठक में समाज के हर वर्ग, विशेषकर आदिवासियों और किसानों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

सामाजिक सुरक्षा और विभागों का पुनर्गठन: सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है। अब इस बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा। इसके साथ ही घरेलू हिंसा की पीड़िताओं के लिए सहायता योजना और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजनाओं को भी विस्तार दिया गया है।

योजनाओं की निरंतरता: कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है:

  • मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना: इसे अगले 4 वर्षों के लिए विस्तार दिया गया है।

  • पशुपालन विकास योजना: राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए योजना जारी रहेगी।

  • शिक्षा: जबलपुर विज्ञान महाविद्यालय के लिए ब्लॉक ग्रांट योजना को स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक राहत: सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को अब अपनी जमीन की रजिस्ट्री के लिए पैसे नहीं देने होंगे। बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भी यह लाभ समान रूप से मिलेगा।

  • किसानों को मजबूती: सिंचाई और भावांतर योजना को मिलाकर लगभग 2600 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी गई है।

  • स्मार्ट सिंचाई: ‘धनवाही परियोजना’ के तहत बिना जमीन छीने (अधिग्रहण मुक्त) सीधे खेतों तक पानी पहुँचाने की तकनीक पर जोर दिया गया है।

  • भविष्य की योजना: लोक नृत्य कृपा योजना और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को 2031 तक के लिए सुरक्षित कर दिया गया है ताकि विकास की गति न रुके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button