‘खेत से फैक्ट्री तक’ का विजन: मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए लिए 10 बड़े संकल्प

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के शुभारंभ पर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए 10 दिशात्मक मॉडल (संकल्प) प्रस्तुत किए हैं। डॉ. यादव ने कहा, “जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है।”
सरकार के 10 प्रमुख संकल्प और योजनाएं:
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प्राकृतिक एवं जैविक खेती: इसे मिशन मोड पर बढ़ावा देकर रसायनों के उपयोग को कम करना।
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वेस्ट टू वेल्थ: पराली और कृषि अपशिष्ट से बायोगैस व एथेनॉल बनाकर किसानों की आय बढ़ाना।
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ग्लोबल ब्रांडिंग: एमपी के कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग और निर्यात पर फोकस।
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सोलर क्रांति: हर साल 10 लाख किसानों को (3 साल में कुल 30 लाख) सोलर पंप का वितरण।
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सिंचाई क्रांति: 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचित करने की योजना।
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भावांतर योजना का विस्तार: सोयाबीन के बाद अब सरसों को भी इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
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कृषि स्टार्टअप: युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए स्टार्टअप्स और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को सब्सिडी।
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बुनियादी ढांचा: मेगा फूड पार्क और एग्री-प्रोसेसिंग क्लस्टर का निर्माण।
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आधुनिक सर्वे: फसल क्षति का आकलन अब ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगा।
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मृदा स्वास्थ्य: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0’ और मिट्टी के स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष बल।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का कैलेंडर भी जारी किया, जिसके तहत कोदो-कुटकी बोनस वितरण, आम महोत्सव और गन्ना महोत्सव जैसे आयोजन साल भर होंगे।



